विचारण एवं अपीलीय वकालत में एकीकृत विधिक सहयोग
अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) के नेतृत्व में 06 मार्च 1998 को स्थापित, RCS & Associates उच्च स्तरीय अदालती पैरवी, गहन अभियोजन कौशल और विशिष्ट राजस्व व संपत्ति विशेषज्ञता को रुड़की, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड) स्थित एक एकीकृत चैम्बर्स संरचना के अंतर्गत प्रस्तुत करता है।
हमारा नेतृत्व उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल, जिला एवं सत्र न्यायालयों (रोशनाबाद), कार्यकारी राजस्व न्यायालयों (SDM, तहसीलदार, कलेक्टर) और अधीनस्थ न्यायिक मंचों में 50 से अधिक वर्षों का संचयी कानूनी अनुभव रखता है। हमारे चैम्बर्स में प्रत्येक मामले को बहु-अधिवक्ता परीक्षण, गहन सांविधिक शोध और रणनीतिक विचारण तैयारी का लाभ मिलता है।
चैम्बर्स अभ्यास साख
50+ वर्षों का संयुक्त विधिक अनुभव
विचारण, अपीलीय, स्टे आर्डर (Stay Order) और रिट मंचों पर व्यापक अनुभव।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय वकालत फोकस
संवैधानिक रिट, आपराधिक अपील, पुनरीक्षण, धारा 528 BNSS / धारा 482 CrPC एवं जमानत।
आधिकारिक नोटरी एवं कार्यकारी न्यायालय वकालत
राजस्व परिषद देहरादून, कमिश्नर कोर्ट, SDM न्यायालय एवं नोटरी प्रमाणीकरण।
चैम्बर्स अधिवक्ता एवं प्रोफाइल
हमारे चैम्बर्स अधिवक्ताओं की विस्तृत योग्यताएं, विशेष अभ्यास क्षेत्र और संपूर्ण प्रोफाइल विवरण।
Ramesh Chand Saini, Advocate
पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, अभियोजन विभाग (उत्तर प्रदेश)
शैक्षणिक योग्यता: M.A. (English), MBA, LL.M.
अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी RCS & Associates के संस्थापक एवं मुख्य अधिवक्ता हैं। उत्तर प्रदेश अभियोजन विभाग में पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी के रूप में विशिष्ट सेवा देने के उपरांत, वे अपने व्यापक आपराधिक विचारण अनुभव, गहन अभियोजन कौशल और साक्ष्य प्रक्रियाओं की असाधारण समझ को निजी वकालत में समर्पित कर रहे हैं। वे उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल एवं रुड़की-हरिद्वार विचारण न्यायालयों में आपराधिक प्रतिरक्षा, अग्रिम व नियमित जमानत, रिट एवं अपीलीय मामलों का कुशल संचालन करते हैं।
विस्तृत ज्ञान एवं अभ्यास क्षेत्र:
- संवैधानिक एवं रिट याचिकाएं: उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल के समक्ष अनुच्छेद 226/227 याचिकाएं।
- आपराधिक प्रतिरक्षा एवं जमानत: नियमित जमानत, अग्रिम जमानत (Section 482 BNSS / Section 438 Cr.P.C.), जिरह (Cross-Examination) एवं FIR निरस्तीकरण।
- वाणिज्यिक एवं कॉर्पोरेट विधि: व्यावसायिक अनुबंध, साझेदारी विलेख एवं वाणिज्यिक विवाद।
- पारिवारिक एवं वैवाहिक विधि: वैवाहिक विवाद, BNSS भरण-पोषण, कस्टडी एवं पारिवारिक समझौते।
- दीवानी वाद एवं स्टे आर्डर: आदेश 39 CPC व्यादेश, स्टे आर्डर (Stay Order), विनिर्दिष्ट पालन एवं संपत्ति स्वत्व वाद।
Amardeep Saini, Notary & Advocate
नोटरी पब्लिक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता | 25+ वर्षों का न्यायिक अनुभव
LL.M. (मास्टर ऑफ लॉज़) | कार्यकारी, राजस्व एवं विचारण न्यायालय
25 से अधिक वर्षों के सक्रिय विधिक अनुभव के साथ, अधिवक्ता अमरदीप सैनी (LL.M.) संपत्ति एवं राजस्व मामलों (Property & Revenue Matters) में अनुभवी पैरवी प्रदान करते हैं। वे कार्यकारी न्यायालयों (SDM, तहसीलदार, कलेक्टर), कमिश्नर कोर्ट, एवं राजस्व परिषद (Board of Revenue) देहरादून के साथ-साथ दीवानी मुकदमों, आदेश 39 CPC स्टे आर्डर (Stay Order), धारा 138 एनआई एक्ट और सांविधिक नोटरी प्रमाणीकरण में विशेषज्ञता रखते हैं।
प्रमुख अभ्यास क्षेत्र एवं विशेषज्ञता:
- संपत्ति एवं राजस्व मामले: कार्यकारी न्यायालय (SDM, तहसीलदार, कलेक्टर), कमिश्नर कोर्ट एवं राजस्व परिषद देहरादून।
- नोटरी सत्यापन एवं प्रमाणीकरण: नोटरी अधिनियम के अंतर्गत आधिकारिक सांविधिक सत्यापन, शपथ पत्र एवं दस्तावेज।
- विधिक प्रलेखन एवं 30-वर्षीय स्वत्व जांच: विलेख प्रारूपण, संपत्ति टाइटल ड्यू डिलिजेंस, अनुबंध एवं नोटिस।
- दीवानी वाद एवं स्टे आर्डर: रुड़की व हरिद्वार न्यायालयों में संपत्ति वाद, बंटवारा एवं आदेश 39 CPC व्यादेश व स्टे आर्डर (Stay Order)।
- धारा 138 NI एक्ट एवं वैवाहिक विषय: चेक अनादर मुकदमेबाजी, सहमति से तलाक एवं पारिवारिक समझौते।
चैम्बर्स से विधिक परामर्श लें
रुड़की, हरिद्वार अथवा उत्तराखंड उच्च न्यायालय से संबंधित अपने मामले के दस्तावेजों पर हमारे अधिवक्ताओं से परामर्श करें।