+91-9760038721 rcslegals@gmail.com रामनगर, रुड़की, उत्तराखंड
कॉल का समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक (प्रतिदिन)
सेवा विधिशास्त्र

सेवा एवं रोजगार विधि

शासकीय सेवा रिट याचिकाएं, विभागीय अनुशासनात्मक जांच, वरिष्ठता विवाद एवं पेंशन परिलाभ बहाली।

अभ्यास क्षेत्र विवरण

सेवा विधिशास्त्र सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिस कार्मिकों एवं संस्थागत अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति, अनुशासनात्मक जांच एवं पेंशन अधिकारों को नियंत्रित करता है। RCS & Associates उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत शासकीय सेवा संबंधी रिट याचिकाओं में विशेषज्ञ विधिक पैरवी प्रदान करता है।

प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र

मनमाने निलंबन आदेश को चुनौती

बिना आरोप पत्र या बिना नियमित समीक्षा के लंबे समय तक किए गए अवैध निलंबन के विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका।

विभागीय जांच एवं आरोप पत्र (Charge-sheet)

पक्षपातपूर्ण जांच, प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन एवं असंगत दंडादेशों के विरुद्ध नैनीताल में प्रभावी पैरवी।

वरिष्ठता एवं पदोन्नति विवाद

गलत वरिष्ठता सूची, पदोन्नति से वंचित किए जाने एवं चयन समिति की त्रुटियों के विरुद्ध उच्च न्यायालय में वाद।

पेंशन एवं सेवानिवृत्ति परिलाभ वसूली

रोकी गई पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण एवं जीपीएफ (GPF) को ब्याज सहित जारी कराना।

भर्ती एवं चयन प्रक्रिया में विसंगतियां

उत्तर कुंजी (Answer Key) त्रुटियों, अवैध भर्ती निरस्तीकरण एवं चयन सूची विसंगतियों को चुनौती देना।

प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान

  • भारत का संविधान, अनुच्छेद 309, 310 एवं 311 (लोक सेवकों को संवैधानिक संरक्षण)
  • उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली
  • केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली
  • औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 एवं ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हाँ। मूल अधिकारों के हनन, सेवा नियमावली के उल्लंघन, प्राकृतिक न्याय की अनदेखी या प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर आदेश होने पर अनुच्छेद 226 रिट याचिका सीधे उच्च न्यायालय नैनीताल में पोषणीय है।

नियुक्तिकर्ता से निचले अधिकारी द्वारा बर्खास्तगी नहीं की जा सकती तथा उचित जांच व सुनवाई के अवसर के बिना कोई बड़ा दंड नहीं दिया जा सकता।

सर्वोच्च न्यायालय के रफ़ीक मसीह निर्णय के अनुसार, सेवानिवृत्त या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से बिना उनकी गलती के हुई अधिक राशि की वसूली पूर्णतः अवैध है।

विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा

अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।

RCS & Associates चैम्बर्स

संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।

रुड़की, जनपद हरिद्वार, उत्तराखंड
प्रातः 10:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक (प्रतिदिन)
परामर्श समय निर्धारित करें
उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल

संवैधानिक रिट, अग्रिम/नियमित जमानत, FIR निरस्तीकरण एवं दीवानी अपीलों हेतु नैनीताल पीठ के समक्ष नियमित प्रतिनिधित्व।

उच्च न्यायालय विवरण देखें