विधिक प्रलेखन एवं कानूनी राय
सटीक विधिक प्रारूपण, सांविधिक कानूनी नोटिस, बैंक सर्च रिपोर्ट, वसीयत एवं औपचारिक विधिक राय।
अभ्यास क्षेत्र विवरण
सटीक एवं स्पष्ट विधिक प्रारूपण अनावश्यक मुकदमों से बचाता है और साक्ष्य के रूप में मजबूत आधार प्रदान करता है। अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता) एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी के निर्देशन में हमारे चैम्बर्स सांविधिक कानूनी नोटिस, विस्तृत प्रत्युत्तर, बैंक टाइटल सर्च रिपोर्ट, पंजीकृत वसीयत (Wills), ट्रस्ट विलेख, साझेदारी विलेख एवं जटिल वैधानिक विषयों पर औपचारिक विधिक राय (Legal Opinion) तैयार करते हैं।
प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र
सांविधिक कानूनी नोटिस
धारा 138 चेक बाउंस नोटिस, धारा 80 CPC सरकारी नोटिस, अनुबंध उल्लंघन नोटिस, बेदखली नोटिस एवं मानहानि नोटिस।
रणनीतिक कानूनी प्रत्युत्तर (Reply to Notice)
नोटिस का समय सीमा के भीतर तथ्यपरक उत्तर, झूठे आरोपों का खंडन एवं आगामी अदालती वाद हेतु मजबूत प्रतिरक्षा स्थापित करना।
लिखित विधिक राय एवं बैंक टाइटल रिपोर्ट
संपत्ति स्वत्व वैधता, वैधानिक पोषणीयता एवं बैंकों हेतु विस्तृत विधिक जांच रिपोर्ट (Search Report)।
पंजीकृत वसीयत एवं पारिवारिक ट्रस्ट (Wills)
विवादरहित वसीयत प्रारूपण, निष्पादक नियुक्ति, कोडीसिल एवं निजी पारिवारिक ट्रस्ट विलेख।
वाणिज्यिक अनुबंध एवं मुख्तारनामा (GPA)
साझेदारी विलेख, क्षतिपूर्ति बंधपत्र, मुख्तारनामा (Power of Attorney) एवं आधिकारिक शपथ पत्र।
प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान
- परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (धारा 138 सांविधिक चेक बाउंस कानूनी नोटिस)
- सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (धारा 80 शासकीय नोटिस)
- भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 एवं पंजीकरण अधिनियम, 1908
- भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (वसीयत एवं कोडीसिल)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा
अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।
RCS & Associates चैम्बर्स
संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।
अन्य अभ्यास क्षेत्र
- उच्च न्यायालय रिट एवं संवैधानिक मामले
- आपराधिक प्रतिरक्षा एवं जमानत विधिशास्त्र
- कॉर्पोरेट एवं वाणिज्यिक विधि
- पारिवारिक एवं वैवाहिक विधि
- दीवानी वाद एवं व्यादेश (Injunctions)
- संपत्ति एवं रियल एस्टेट विधि
- उपभोक्ता संरक्षण विधि
- सेवा एवं रोजगार विधि
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT)
- राजस्व एवं भूमि अभिलेख विधि
- चेक अनादरण (धारा 138 NI Act)
उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल
संवैधानिक रिट, अग्रिम/नियमित जमानत, FIR निरस्तीकरण एवं दीवानी अपीलों हेतु नैनीताल पीठ के समक्ष नियमित प्रतिनिधित्व।
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