न्यायालय परिचय एवं क्षेत्राधिकार दायरा
रुड़की न्यायालय परिसर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन), सिविल जज (जूनियर डिवीजन), न्यायिक मजिस्ट्रेट, उप-जिलाधिकारी (SDM) एवं तहसीलदार न्यायालय कार्यरत हैं। RCS & Associates स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, सिडकुल उद्यमियों एवं संपत्ति स्वामियों हेतु मूल दीवानी वादों, आदेश 39 CPC स्टे आर्डर, धारा 138 चेक अनादरण (NI Act), मजिस्ट्रेट जमानत, दाखिल-खारिज एवं सारांश कार्यवाहियों में तत्पर प्रतिनिधित्व प्रदान करता है।
प्रमुख न्यायिक क्षेत्राधिकार एवं याचिकाएं
मूल दीवानी वाद एवं व्यादेश (Injunction)
आदेश 39 CPC के तहत स्टे आर्डर एवं स्थायी/अस्थायी रोक, संविदा का विनिर्दिष्ट पालन, संपत्ति कब्जा एवं धन वसूली वाद।
मजिस्ट्रेट विचारण एवं आपराधिक परिवाद
आपराधिक परिवादों की पैरवी, पुलिस चालानी मामले, प्रारंभिक रिमांड एवं मजिस्ट्रेट नियमित जमानत।
चेक बाउंस वाद (धारा 138 NI Act)
चेक अनादरण मामलों में परिवाद प्रस्तुतीकरण, साक्ष्य प्रस्तुति एवं विचारण स्तर पर रणनीतिक प्रतिरक्षा।
भरण-पोषण एवं घरेलू हिंसा परिवाद
धारा 144 BNSS / 125 Cr.P.C. अंतरिम भरण-पोषण एवं घरेलू हिंसा संरक्षण आदेशों हेतु प्राथमिक प्रार्थना पत्रों का निस्तारण।
राजस्व एवं दाखिल-खारिज कार्यवाहियां
रुड़की स्थित एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालयों में विवादित दाखिल-खारिज (Mutation), खतौनी दुरस्ती एवं कृषि भूमि विभाजन।
याचिका एवं प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश
- रुड़की सिविल कोर्ट मुंसरीम / फाइलिंग अनुभाग के समक्ष सीधे वाद दाखिल करना।
- न्यायशुल्क अधिनियम के अनुसार मूल्यांकन एवं न्यायशुल्क (Court Fee) का भुगतान।
- प्रतिवादियों हेतु सम्मन तामीली प्रति एवं प्रक्रिया शुल्क (PF) तैयार करना।
- शपथ पत्र सहित अंतरिम स्थगन (Stay) / व्यादेश प्रार्थना पत्रों का प्रस्तुतीकरण।
न्यायालय क्षेत्राधिकार प्रश्नोत्तर
न्यायालय परिसर, रुड़की (Civil & Magistrate Courts) में पैरवी आवश्यक है?
न्यायिक क्षेत्राधिकार, परिसीमा एवं प्रक्रियात्मक नियमों के अंतर्गत अपने मामले के मूल्यांकन हेतु हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संपर्क करें।