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कॉर्पोरेट एवं वाणिज्यिक सलाहकार

कॉर्पोरेट एवं वाणिज्यिक विधि

व्यापारिक अनुबंध, मध्यस्थता पैरवी, MSME बकाया वसूली एवं कॉर्पोरेट विवाद समाधान।

अभ्यास क्षेत्र विवरण

RCS & Associates उत्तराखंड एवं सिडकुल (SIDCUL) हरिद्वार/रुड़की के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, विनिर्माण उद्यमों, MSME इकाइयों, ठेकेदारों एवं व्यापारियों को रणनीतिक वाणिज्यिक विधिक परामर्श एवं विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करता है। हम वाणिज्यिक अनुबंध प्रारूपण, अनुबंध उल्लंघन मुकदमों, शेयरधारक विवाद, साझेदारी विघटन एवं मध्यस्थता (Arbitration) कार्यवाहियों में वाणिज्यिक न्यायालयों तथा उत्तराखंड उच्च न्यायालय में विधिक प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र

वाणिज्यिक अनुबंध प्रारूपण

मास्टर सर्विस एग्रीमेंट, विक्रेता अनुबंध, आपूर्ति समझौते, गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) एवं देयता सीमा सहित व्यापारिक शर्तें।

वाणिज्यिक विवाद समाधान

अनुबंध उल्लंघन, हर्जाना क्षतिपूर्ति एवं संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाणिज्यिक न्यायालयों में मुकदमों की पैरवी।

मध्यस्थता याचिकाएं (Arbitration Sec 9 & 11)

अंतरिम सुरक्षा व स्थगन हेतु धारा 9 तथा मध्यस्थ की नियुक्ति हेतु धारा 11 याचिकाएं उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में प्रस्तुत करना।

साझेदारी एवं शेयरधारक विवाद

साझेदारी फर्म पुनर्गठन, खातों का विघटन, निदेशक विवाद एवं लाभ वितरण असहमति का विधिक निस्तारण।

MSME बकाया भुगतान वसूली

MSMED अधिनियम के अंतर्गत सुविधा परिषद के समक्ष विलंबित भुगतान एवं 3x बैंक दर चक्रवृद्धि ब्याज वसूली दावे।

प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान

  • भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 एवं विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963
  • कंपनी अधिनियम, 2013 एवं सीमित दायित्व भागीदारी (LLP) अधिनियम, 2008
  • मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 (धारा 9, 11, 34, 37)
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSMED) अधिनियम, 2006
  • वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

स्पष्ट विवाद धारा यह तय करती है कि मामला मध्यस्थता में जाएगा या अदालत में, जिससे भविष्य में अनावश्यक क्षेत्राधिकार विवाद एवं कानूनी व्यय नहीं होता।

उद्यम पंजीकृत MSME सुविधा परिषद में दावा दायर कर RBI बैंक दर के 3 गुना चक्रवृद्धि ब्याज सहित अपनी बकाया राशि की त्वरित वसूली प्राप्त कर सकते हैं।

मध्यस्थता अधिनियम की धारा 9 के तहत उत्तराखंड उच्च न्यायालय से संपत्ति संरक्षण, अंतरिम रोक (Stay Order) या सुरक्षा राशि जमा कराने के आदेश प्राप्त किए जा सकते हैं।

विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा

अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।

RCS & Associates चैम्बर्स

संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल

संवैधानिक रिट, अग्रिम/नियमित जमानत, FIR निरस्तीकरण एवं दीवानी अपीलों हेतु नैनीताल पीठ के समक्ष नियमित प्रतिनिधित्व।

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