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दुर्घटना दावा अधिकरण

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT)

सांविधिक मुआवजा दावे, मल्टीप्लायर गणना, बीमा दायित्व पैरवी एवं उच्च न्यायालय प्रथम अपीलें।

अभ्यास क्षेत्र विवरण

सड़क दुर्घटना मुआवजा दावों में दस्तावेज़ी साक्ष्य, चिकित्सकीय अपंगता प्रमाण पत्र, आय साक्ष्य एवं कानूनी गणना सूत्रों का सटीक उपयोग आवश्यक है। हमारे चैम्बर्स हरिद्वार (रोशनाबाद) स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में पीड़ितों हेतु न्यायसंगत व अधिकतम मुआवजा प्राप्त करने की पैरवी करते हैं।

प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र

सड़क दुर्घटना में मृत्यु दावा याचिकाएं

आश्रितों के भरण-पोषण की हानि (Loss of Dependency), दाम्पत्य हानि, अंत्येष्टि व्यय एवं ब्याज सहित संपूर्ण मुआवजा।

स्थायी अपंगता मुआवजा (Disability Claims)

कार्यशील अपंगता प्रतिशत, भावी आय हानि एवं संपूर्ण चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु पैरवी।

उच्च न्यायालय में मुआवजा वृद्धि अपीलें (FAO)

अधिकरण द्वारा कम मुआवजा दिए जाने पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में प्रथम अपील प्रस्तुत करना।

तृतीय पक्ष (Third-Party) बीमा विवाद

ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट एवं फिटनेस संबंधी बीमा कंपनी की आपत्तियों का विधिक निस्तारण।

अधिकरण पंचाट निष्पादन (Execution)

पारित मुआवजा राशि की बीमा कंपनी या वाहन स्वामी से त्वरित वसूली हेतु निष्पादन कार्यवाही।

प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान

  • मोटर यान अधिनियम, 1988 (संशोधित 2019)
  • मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण नियमावली
  • सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक दिशा-निर्देश (सरला वर्मा एवं प्रणय सेठी वाद)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मृतक की मासिक आय में आयु के अनुसार भावी संभावना (10% से 50%) जोड़कर, व्यक्तिगत खर्च काटकर सरला वर्मा व प्रणय सेठी केस के अनुसार आयु वर्ग के मल्टीप्लायर से गणना की जाती है।

प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR), दुर्घटना स्थल नक्शा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट / मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र, वाहन आरसी, बीमा पॉलिसी तथा आय व पहचान प्रमाण पत्र।

मोटर यान अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा उस अधिकरण में हो सकता है जहाँ दुर्घटना हुई, या जहाँ पीड़ित रहता है, या जहाँ विपक्षी निवास करता है।

विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा

अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।

RCS & Associates चैम्बर्स

संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल

संवैधानिक रिट, अग्रिम/नियमित जमानत, FIR निरस्तीकरण एवं दीवानी अपीलों हेतु नैनीताल पीठ के समक्ष नियमित प्रतिनिधित्व।

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