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कॉल का समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक (प्रतिदिन)

Ramesh Chand Saini, Advocate

संस्थापक एवं मुख्य अधिवक्ता | पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, अभियोजन विभाग (उत्तर प्रदेश) | एम.ए. (अंग्रेजी), एम.बी.ए., एलएल.एम.

उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल भारत का सर्वोच्च न्यायालय
Advocate Ramesh Chand Saini at RCS & Associates Chambers
Advocate Ramesh Chand Saini संस्थापक एवं मुख्य अधिवक्ता
Ramesh Chand Saini, Advocate, Founder & Lead Advocate at RCS & Associates Roorkee
संस्थापक एवं मुख्य अधिवक्ता

Ramesh Chand Saini, Advocate

पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (उ.प्र.)

  • स्थापना तिथि: 06 मार्च 1998
  • शैक्षणिक योग्यता: M.A. (Eng), MBA, LL.M.
  • पूर्व शासकीय सेवा: पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (UP)
  • प्रमुख न्यायिक मंच: उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल
  • कार्यालय स्थिति: रुड़की, जिला हरिद्वार
  • कॉल समय: 10:00 AM से 07:00 PM

विधिक परामर्श निर्धारित करें

कार्यालय परामर्श केवल पूर्व निर्धारित समय (Appointment) के आधार पर उपलब्ध है। अपने मामले के तथ्यों, उच्च न्यायालय रिट, जमानत एवं दीवानी उपचारों पर सीधे वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी से चर्चा करें।

व्यावसायिक नेतृत्व एवं विधिक पृष्ठभूमि

वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी RCS & Associates के संस्थापक एवं मुख्य अधिवक्ता हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने 06 मार्च 1998 को की थी। उत्तर प्रदेश अभियोजन विभाग में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी के रूप में दशकों की विशिष्ट शासकीय सेवा के उपरांत, वे आपराधिक विचारण, साक्ष्य विधिशास्त्र, अग्रिम जमानत एवं संवैधानिक प्रक्रिया की अद्वितीय विशेषज्ञता के साथ रुड़की, हरिद्वार एवं नैनीताल में विधिक अभ्यास का नेतृत्व कर रहे हैं।

उनकी बहुविषयक शैक्षणिक पृष्ठभूमि में मास्टर ऑफ लॉज (LL.M.), एम.बी.ए. (MBA) एवं एम.ए. अंग्रेजी साहित्य शामिल है। यह विस्तृत ज्ञान उन्हें जटिल वैधानिक व्याख्याओं, वित्तीय एवं वाणिज्यिक विवादों, रिट याचिकाओं तथा अपीलीय मुकदमों में अत्यधिक स्पष्टता एवं सशक्त तर्कों के साथ पैरवी करने में सक्षम बनाता है।

अभियोजन एवं विचारण विशेषज्ञता

राज्य अभियोजक के रूप में सैकड़ों गंभीर आपराधिक मामलों, सत्र विचारणों एवं साक्ष्य विश्लेषण का प्रत्यक्ष अनुभव, जो आपराधिक प्रतिरक्षा एवं जिरह को सशक्त आधार प्रदान करता है।

उच्च न्यायालय अपीलीय पैरवी

नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत रिट याचिकाएं, स्टे आर्डर (Stay Order), आपराधिक अपीलें, धारा 528 BNSS / 482 Cr.P.C. याचिकाएं एवं अग्रिम जमानत विधिशास्त्र।

विधिक अभ्यास के मुख्य स्तंभ

प्रशासनिक मनमानेपन, अवैध आदेशों, निविदा निरस्तीकरण, नगरपालिका नियमों एवं सेवा संबंधी विवादों के विरुद्ध संविधान के अनुच्छेद 226 एवं 227 के अंतर्गत परमादेश (Mandamus), उत्प्रेषण (Certiorari) एवं तात्कालिक स्टे आर्डर (Stay Order) याचिकाओं का प्रारूपण एवं पैरवी।

सत्र न्यायालय हरिद्वार एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में अग्रिम जमानत (Section 482 BNSS / 438 Cr.P.C.), नियमित जमानत (धारा 483 BNSS / 439 Cr.P.C.), सत्र विचारण साक्ष्य जिरह, अपीलें एवं धारा 528 BNSS / 482 Cr.P.C. में FIR निरस्तीकरण।

व्यावसायिक अनुबंध प्रारूपण, कंपनी अनुपालन, शेयरधारक विवाद, धारा 138 चेक अनादरण (NI Act), MSME बकाया वसूली एवं मध्यस्थता (Arbitration Sections 9 & 11) में रणनीतिक विधिक परामर्श।

आदेश 39 नियम 1 व 2 CPC के तहत स्टे आर्डर एवं अंतरिम व्यादेश (Injunction), स्वत्व घोषणा वाद (Title Suits), पैतृक संपत्ति विभाजन वाद (Partition), संविदा का विनिर्दिष्ट पालन एवं प्रथम व द्वितीय दीवानी अपीलें।

आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce Section 13B HMA), विवादित विवाह विच्छेद, धारा 144 BNSS / 125 Cr.P.C. भरण-पोषण, बाल अभिरक्षा एवं पारिवारिक समझौता विलेख (MoU)।

वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी से परामर्श लें

कॉल का समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक (प्रतिदिन) | परामर्श केवल पूर्व निर्धारित समय द्वारा