पारिवारिक एवं वैवाहिक विधि
आपसी सहमति तलाक, विवादित विवाह विच्छेद, भरण-पोषण रणनीति, बाल अभिरक्षा एवं पारिवारिक समझौते।
अभ्यास क्षेत्र विवरण
वैवाहिक एवं पारिवारिक विवादों में व्यावहारिक विधिक मूल्यांकन, गोपनीयता एवं रणनीतिक तैयारी की आवश्यकता होती है। RCS & Associates आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce Section 13B HMA), विवादित विवाह विच्छेद, धारा 144 BNSS / 125 Cr.P.C. एवं धारा 24 HMA के अंतर्गत भरण-पोषण, बाल अभिरक्षा (Child Custody), घरेलू हिंसा संरक्षण एवं पारिवारिक समझौतों में संवेदनशील एवं प्रभावी विधिक प्रतिनिधित्व प्रदान करता है।
प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र
आपसी सहमति से तलाक (Section 13B HMA)
संयुक्त याचिका प्रारूपण, दोनों पक्षों के बयान दर्ज कराना एवं विधिक आधारों पर 6 माह की कूलिंग-ऑफ अवधि में छूट प्राप्त करना।
विवादित विवाह विच्छेद वाद (Contested Divorce)
क्रूरता, परित्याग एवं असहनीय परिस्थितियों के आधारों पर तलाक याचिकाओं की विधिक पैरवी एवं प्रतिरक्षा।
भरण-पोषण एवं गुजारा भत्ता (Maintenance)
धारा 144 BNSS / 125 Cr.P.C. एवं धारा 24/25 HMA के तहत विस्तृत आय व संपत्ति शपथ पत्र सहित भरण-पोषण की पैरवी।
बाल अभिरक्षा एवं मुलाकात अधिकार (Child Custody)
संरक्षकता याचिकाएं, बच्चों के सर्वांगीण कल्याण को केंद्र में रखकर स्थायी अभिरक्षा एवं साप्ताहिक मुलाकात आदेश।
पारिवारिक समझौता विलेख (Family Settlement MoU)
स्थायी समझौता पत्र (MoU), स्त्रीधन वापसी एवं संपूर्ण संपत्ति विवाद निपटान विलेख तैयार करना।
प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान
- हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (धारा 13, 13B, 24, 25)
- विशेष विवाह अधिनियम, 1954 एवं संरक्षक और प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (धारा 144 BNSS) / Cr.P.C. (धारा 125)
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 (PWDVA)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा
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RCS & Associates चैम्बर्स
संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।
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