नियमित उपस्थिति वाले प्रमुख न्यायालय
हमारा विधिक अभ्यास प्रमुख संवैधानिक, अपीलीय एवं अधीनस्थ विचारण मंचों के समक्ष रणनीतिक अदालती पैरवी, अपील एवं विधिक प्रतिनिधित्व प्रदान करता है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय (नैनीताल)
उत्तराखंड राज्य का सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकारी। हमारे चैम्बर्स नियमित रूप से अनुच्छेद 226/227 के तहत संवैधानिक रिट याचिकाएं, आपराधिक अपील, नियमित व अग्रिम जमानत याचिकाएं (Anticipatory Bail), तथा धारा 528 BNSS / धारा 482 Cr.P.C. निरस्तीकरण याचिकाएं प्रस्तुत करते हैं।
- अनुच्छेद 226/227 रिट: मनमाने प्रशासनिक निर्णयों एवं निविदा निरस्तीकरण को चुनौती।
- आपराधिक अपील एवं पुनरीक्षण: दोषसिद्धि एवं अंतरिम अदालती आदेशों को चुनौती।
- जमानत विधिशास्त्र: उच्च न्यायालय में नियमित एवं अग्रिम जमानत (Section 482 BNSS / Section 438 Cr.P.C.)।
भारत का सर्वोच्च न्यायालय (नई दिल्ली)
भारत का सर्वोच्च न्यायिक मंच। हम उच्च न्यायालयों के अंतिम या अंतरिम आदेशों के विरुद्ध अनुच्छेद 136 के तहत विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP), वैवाहिक एवं दीवानी विवादों में ट्रांसफर याचिकाएं और सांविधिक अपीलें संभालते हैं।
- अनुच्छेद 136 SLP: दीवानी एवं आपराधिक मामलों में विशेष अनुमति याचिकाएं।
- ट्रांसफर याचिकाएं: धारा 25 CPC के तहत अंतर्राज्यीय मामलों का अंतरण।
- अनुच्छेद 32 रिट: मूल अधिकारों का प्रत्यक्ष प्रवर्तन।
जिला एवं सत्र न्यायालय, हरिद्वार (रोशनाबाद)
रोशनाबाद स्थित जनपद हरिद्वार का प्रधान दीवानी एवं आपराधिक न्यायालय। हम सत्र विचारण, अग्रिम व नियमित जमानत, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) और दीवानी अपीलों का संचालन करते हैं।
- सत्र विचारण: BNS / IPC के अंतर्गत आपराधिक विचारण प्रतिरक्षा।
- जिला दीवानी अपीलें: अधीनस्थ दीवानी डिक्रियों के विरुद्ध प्रथम अपील एवं स्थगन आदेश।
- MACT दावे: मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा दावे।
रुड़की दीवानी एवं आपराधिक न्यायालय
रुड़की स्थित उप-संभागीय न्यायिक न्यायालय जिनमें सिविल जज (सीनियर व जूनियर डिवीजन) और न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालतें शामिल हैं। हम मूल दीवानी वाद, आदेश 39 CPC स्टे आर्डर (Stay Order), धारा 138 एनआई एक्ट और मजिस्ट्रेट विचारण संभालते हैं।
- मूल दीवानी वाद: संपत्ति बंटवारा, स्वत्व घोषणा, व्यादेश एवं स्टे आर्डर (Stay Order)।
- धारा 138 NI एक्ट: चेक बाउंस परिवाद एवं प्रतिरक्षा।
- मजिस्ट्रेट आपराधिक विचारण: समन एवं वारंट मामलों का विचारण।
रुड़की, हरिद्वार एवं क्षेत्रीय न्यायालय नेटवर्क
रामनगर, रुड़की स्थित हमारे मुख्य चैम्बर्स से, हम उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सीमावर्ती क्षेत्रों के उप-संभागों, औद्योगिक क्षेत्रों और जिला न्यायालयों में समग्र विधिक प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं।
रुड़की उप-संभागीय केंद्र
प्रमुख न्यायालय: सिविल जज (सीनियर व जूनियर डिवीजन) कोर्ट, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, किराया नियंत्रण अधिकरण, लोक अदालत।
स्थानीय क्षेत्र: रामनगर, सिविल लाइंस, गणेशपुर, सोलानी पुरम, IIT रुड़की क्षेत्र, रुड़की कैंट, मालवीय चौक, पिरान कलियर।
जिला न्यायालय (रोशनाबाद, हरिद्वार)
प्रमुख न्यायालय: जिला एवं सत्र न्यायालय, विशेष अदालतें (POCSO, NDPS, भ्रष्टाचार निरोधक), MACT, पारिवारिक न्यायालय, जिला उपभोक्ता आयोग।
स्थानीय क्षेत्र: रोशनाबाद न्यायिक परिसर, हरिद्वार शहर, ज्वालापुर, कनखल, बहादराबाद, BHEL रानीपुर, सिडकुल हरिद्वार।
भगवानपुर एवं सिडकुल औद्योगिक गलियारा
अभ्यास फोकस: कॉर्पोरेट वाणिज्यिक अनुबंध, फैक्ट्री अनुपालन, औद्योगिक विवाद, पर्यावरण क्लीयरेंस, वाणिज्यिक मध्यस्थता।
औद्योगिक क्षेत्र: भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र, रायपुर औद्योगिक क्षेत्र, सिडकुल हरिद्वार, SIIDCUL फार्मा सिटी।
उप-संभागीय राजस्व न्यायालय
न्यायालय एवं मंच: SDM न्यायालय, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार राजस्व न्यायालय, भू-राजस्व अधिनियम / राजस्व संहिता के तहत राजस्व परिषद अपीलें।
उप-संभाग: मंगलौर, लंढौरा, लक्सर, झबरेड़ा, खानपुर, नारसन, बहादराबाद तहसील।
राज्य राजधानी अधिकरण (देहरादून)
विशिष्ट पीठें: राजस्व परिषद (Board of Revenue), उत्तराखंड रेरा (RERA), राज्य उपभोक्ता आयोग, लोक सेवा अधिकरण (PST)।
क्षेत्राधिकार: देहरादून जनपद, वाणिज्यिक कर अधिकरण, ऋषिकेश उप-संभाग, डोईवाला।
राज्य उच्च न्यायालय एवं शीर्ष न्यायालय अक्ष
अपीलीय प्राधिकारी: उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल (रिट, अपील, अग्रिम जमानत व धारा 528 BNSS / धारा 482 CrPC निरस्तीकरण) तथा भारत का सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली (SLP एवं ट्रांसफर)।
अंतर्राज्यीय सीमाएं: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, देवबंद एवं छुटमलपुर से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों का संचालन।
आपके अपेक्षित न्यायिक मंच के समक्ष प्रतिनिधित्व
उत्तराखंड न्यायिक मंचों पर वाद दाखिल करने, सूचीबद्ध करने, स्टे आर्डर (Stay Order) और सुनवाई की समय-सीमा पर हमारे चैम्बर्स से परामर्श करें।