उच्च न्यायालय रिट एवं संवैधानिक मामले
नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय के समक्ष असाधारण संवैधानिक उपचार, स्टे आर्डर एवं न्यायिक पुनर्विलोकन।
अभ्यास क्षेत्र विवरण
संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत रिट क्षेत्राधिकार तथा अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण क्षेत्राधिकार RCS & Associates का प्राथमिक विधिक अभ्यास केंद्र है। वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) एवं अधिवक्ता अमरदीप सैनी के नेतृत्व में हमारे चैम्बर्स उत्तराखंड उच्च न्यायालय (नैनीताल) में प्रशासनिक मनमानेपन, अवैध आदेशों, वैधानिक उल्लंघनों, निविदा निरस्तीकरण तथा सरकारी उत्पीड़न के विरुद्ध नागरिकों, कंपनियों एवं कर्मचारियों का सशक्त प्रतिनिधित्व करते हैं तथा तात्कालिक स्टे आर्डर (Stay Order) व अंतरिम राहत सुनिश्चित करते हैं।
प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र
परमादेश रिट (Writ of Mandamus)
प्रशासनिक निकायों, नगर निगमों एवं सरकारी विभागों द्वारा वैधानिक कर्तव्यों का पालन न किए जाने पर अनिवार्य लोक दायित्वों के प्रवर्तन हेतु।
उत्प्रेषण रिट एवं स्टे आर्डर (Certiorari & Stay)
अर्ध-न्यायिक निकायों, नगर पालिकाओं या राज्य विभागों द्वारा पारित अवैध, पक्षपातपूर्ण या मनमाने आदेशों को निरस्त कराना एवं तात्कालिक स्थगन आदेश प्राप्त करना।
प्रतिषेध रिट (Writ of Prohibition)
अधीनस्थ अधिकरणों, राजस्व न्यायालयों या प्राधिकारियों को अपने वैधानिक क्षेत्राधिकार से परे कार्य करने से रोकना।
सरकारी निविदा एवं अनुबंध रिट (Tenders)
उत्तराखंड में सरकारी निविदाओं में मनमानी अयोग्यता, पक्षपातपूर्ण मूल्यांकन, ब्लैकलिस्टिंग एवं अवैध निरस्तीकरण को चुनौती देना।
अधीक्षण याचिकाएं (अनुच्छेद 227 Supervisory)
अधीनस्थ दीवानी न्यायालयों एवं अधिकरणों के क्षेत्राधिकार संबंधी दोषों एवं अवैध अंतरिम आदेशों का उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक पुनरीक्षण।
प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालयों की रिट जारी करने की असाधारण शक्ति)
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 227 (अधीनस्थ न्यायालयों एवं अधिकरणों पर अधीक्षण की शक्ति)
- अनुच्छेद 14, 19, 21 एवं 300A (समानता, स्वतंत्रता, मूल अधिकार एवं संपत्ति का संवैधानिक संरक्षण)
- उत्तराखंड उच्च न्यायालय नियमावली, प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश एवं न्यायिक नज़ीरें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा
अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।
RCS & Associates चैम्बर्स
संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।
अन्य अभ्यास क्षेत्र
- आपराधिक प्रतिरक्षा एवं जमानत विधिशास्त्र
- कॉर्पोरेट एवं वाणिज्यिक विधि
- पारिवारिक एवं वैवाहिक विधि
- दीवानी वाद एवं व्यादेश (Injunctions)
- संपत्ति एवं रियल एस्टेट विधि
- विधिक प्रलेखन एवं कानूनी राय
- उपभोक्ता संरक्षण विधि
- सेवा एवं रोजगार विधि
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT)
- राजस्व एवं भूमि अभिलेख विधि
- चेक अनादरण (धारा 138 NI Act)
उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल
संवैधानिक रिट, अग्रिम/नियमित जमानत, FIR निरस्तीकरण एवं दीवानी अपीलों हेतु नैनीताल पीठ के समक्ष नियमित प्रतिनिधित्व।
उच्च न्यायालय विवरण देखें