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संपत्ति एवं रियल एस्टेट

संपत्ति एवं रियल एस्टेट विधि

30-वर्षीय स्वत्व सत्यापन जांच, पंजीकृत विलेख प्रारूपण, सीमांकन एवं रियल एस्टेट विवाद।

अभ्यास क्षेत्र विवरण

उत्तराखंड में अचल संपत्ति के सौदों एवं भूमि विवादों में स्वत्व विलेख, राजस्व खतौनी, नगर निकाय मास्टर प्लान एवं स्थानीय भूमि विधियों का गहन विश्लेषण आवश्यक है। RCS & Associates 30-वर्षीय संपत्ति स्वत्व जांच (30-Year Title Search Report), पंजीकृत विक्रय विलेख (Sale Deed) प्रारूपण, पैतृक भूमि विभाजन वाद, अवैध कब्जा मुक्ति, सीमांकन (हदबंदी) एवं फर्जीवाड़े के विरुद्ध संपूर्ण कानूनी सेवाएं प्रदान करता है।

प्रमुख विधिक सेवाएं एवं कार्यक्षेत्र

30-वर्षीय संपत्ति स्वत्व जांच (Title Search Report)

उप-निबंधक कार्यालय में 30 वर्षों के विलेखों, भारमुक्त प्रमाण पत्र (NEC) एवं राजस्व खतौनी का ऐतिहासिक सत्यापन।

पंजीकृत विलेख प्रारूपण (Sale & Gift Deeds)

विक्रय विलेख (बैनामा), दान पत्र (Gift Deed), पट्टा विलेख (Lease) एवं क्षतिपूर्ति शर्तों सहित इकरारनामा।

पैतृक संपत्ति विभाजन वाद (Partition Suits)

संयुक्त संपत्ति एवं कृषि जोत में सह-खातेदारों के बीच हिस्सेदारी निर्धारण एवं सीमांकन वाद।

मकान मालिक-किराएदार एवं बेदखली वाद

किराएदारी अनुबंध, किराया वसूली एवं अवैध कब्जेदारों की निष्कासन कार्यवाहियां।

सीमांकन एवं पैमाइश (हदबंदी)

राजस्व निरीक्षक (कानूनगो/लेखपाल) द्वारा भूमि की आधिकारिक पैमाइश एवं पत्थर नसब कराना।

प्रासंगिक विधियां एवं वैधानिक प्रावधान

  • संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 एवं पंजीकरण अधिनियम, 1908
  • रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA Uttarakhand)
  • उत्तराखंड ज़मींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम (ZALR) / राजस्व संहिता
  • भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 एवं हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

30-वर्षीय जांच विक्रेता के वैध मालिकाना हक, मूल स्वामियों की श्रृंखला, बैंक बंधक या अदालती कुर्की की अनुपस्थिति तथा उत्तराखंड भूमि नियमों की पुष्टि करती है।

भूमि सीमा (Ceiling Limits), स्थानीय राजस्व अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंध, सरकारी अधिग्रहण की अनुपस्थिति एवं राज्य के भूमि क्रय नियमों का सत्यापन आवश्यक है।

नहीं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 54 के अनुसार मालिकाना हक केवल विधिवत स्टांपित एवं पंजीकृत विक्रय विलेख (Sale Deed) से ही अंतरित होता है।

विधिक परामर्श एवं प्रकरण समीक्षा

अपने विधिक मामले, उच्च न्यायालय रिट, जमानत अथवा दीवानी विवाद के संदर्भ में हमारे वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक परामर्श हेतु संपर्क करें।

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संस्थापक: अधिवक्ता रमेश चन्द सैनी (पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, उ.प्र.) | सदस्य: अधिवक्ता अमरदीप सैनी (नोटरी एवं अधिवक्ता)।

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